Basant Panchmi 2026

शुक्लां ब्रह्मविचारसारपरमाम् आद्यां जगद् व्यापिनीम्
वीणापुस्तकधारिणीमभयदां जाड्यान्धकारापहाम् ।।

वीणावादिनी, हंसवाहिनी, शब्द-बुद्धि की अधिष्ठात्री माँ सरस्वती के पवित्र उपासना-पर्व बसंत पंचमी की समस्त देशवासियों को हृदय से शुभकामनाएँ।

ऋतुराज बसंत का यह मधुर आगमन ग्रन्थों में वर्णित ऋतु-सौन्दर्य का अनुपम स्मरण कराता है, जब धरती पीताम्बर पहनकर नवजीवन की रश्मियाँ बिखेरती है और प्रकृति स्वयं एक जीवंत काव्य बनकर उमंग, उत्साह और नवीन सृजन की प्रेरणा देती है।
कालिदास की काव्य-वर्षा, विद्यापति की भाव-सुरभि, महाप्राण निराला की सजीव पंक्तियाँ सभी ने बसंत को आनंद, ऊर्जा और नवजीवन का सेतु बताया है।
प्रकृति का यह मधुर बसंतोत्सव नई उमंग, नया उत्साह और नव-सृजन की प्रेरणा लेकर हमारे जीवन में उतरता है, जो हमें नवीन ऊर्जा, सृजनशीलता और आनंद से परिपूर्ण कर देता है।
इन्हीं अनुपम अनुभूतियों के मध्य माँ सरस्वती के चरण-कमलों में नमन, जिनकी कृपा ज्ञान, कला और विवेक की ज्योति से समस्त जगत् को आलोकित करती है।
कामना हैं कि, उनकी करुणा से प्रत्येक हृदय में सृजन की शक्ति, विचारों में परिष्कार और जीवन में मंगल की छटा सदा प्रस्फुटित होती रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home1/digitbc8/public_html/digitalkotapride.in/wp-includes/functions.php on line 5481